Indicators on #EnergyAlignment You Should Know

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लफ्ज़ इंसान के गुलाम होते हैं मगर सिर्फ बोलने से पहले, बोलने के बाद तो इंसान अपने लफ्जों का गुलाम बन जाता है।

ख़ुशी के लिए काम करोगे तो ख़ुशी नहीं मिलेगी और ख़ुशी से काम करोगे तो ख़ुशी और सफलता दोनों मिलेंगी।

जिंदगी जोखिम से भरी हुई है, सबसे बड़ा जोखिम है “कुछ नहीं करना” इससे हमें बचना चाहिए।

जीवन में मुसीबत आए तो कभी घबराना मत गिरकर उठने वालों को बाजीगर कहते हैं।

अपने आप को दूसरों से बेहतर समझना, अपने गुनाहों को भूल जाना और अपने अल्लाह का जिक्र ना करना, यह तीन चीजें इंसान को मिट्टी में मिला सकती हैं।

जब हमारे सिग्नेचर ऑटोग्राफ में बदल जाए तो यह हमारी सफलता की निशानी।

असफलता मेरे लिए सभी अस्वीकार्य है, किसी को भी यह असफलता मिल सकती हैं मगर मुझे वह लोग पसंद नहीं है जो फिर से कोशिश नहीं करते।

जिस तरह शबनम के कतरे मुरझाये फूलों की ताजगी देते हैं उसी तरह अच्छे लफ्ज़ लोगों के दिलों को सादगी देते हैं।

लगातार मिल रही नाकामयाबियों read more से हारकर कभी निराश मत होना कभी-कभी गुच्छे की आखिरी चाबी भी ताला खोल देती है।

कठोर वाणी आग से भी ज्यादा दुख हो जाने वाली होती है।

नौक-शौक करने से बेहतर है शांति से गलतफहमी दूर की जाए।

हम यह जानते हैं कि हम क्या हैं पर हम यह नहीं जानते कि हम क्या हो सकते हैं और क्या बन सकते हैं।

अतीत के गुलाम नहीं बल्कि भविष्य के निर्माता बनो।

क्रोध और आंधी दोनों एक जैसे होते हैं, दोनों के शांत होने पर पता चलता है कि कितना नुकसान हुआ है।

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